Crypto Account KYC के लिए अब Live Selfie अनिवार्य, नियम और भी सख्त हुए!

🧾 भारत में क्रिप्टो निवेश पर कड़ी नियामक कार्रवाई

भारत में क्रिप्टोकरेंसी के तेजी से बढ़ते उपयोग और संभावित धोखाधड़ी, मनी लॉन्ड्रिंग तथा अवैध वित्तीय गतिविधियों को रोकने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। वित्तीय खुफिया इकाई (FIU) ने क्रिप्टो एक्सचेंजों के लिए नए और सख्त KYC (Know Your Customer) और AML (Anti-Money Laundering) नियम लागू किए हैं। 

📌 नए नियमों के मुख्य बिंदु

📍 लाइव सेल्फी अनिवार्य:

अब क्रिप्टो खाता खोलते समय सिर्फ डॉक्यूमेंट अपलोड करना काफी नहीं होगा। यूजर को लाइव सेल्फी देना होगा, जिसमें सिस्टम आज़माता है कि आप असली हैं या नहीं (जैसे आंख झपकाना, सिर घुमाना आदि)। 

📍 जियो-टैगिंग और लोकेशन डेटा:

अकाउंट बनाते समय आपका GPS लोकेशन, IP एड्रेस, डेट-टाइम स्टैम्प सहित सटीक स्थान रिकॉर्ड करना भी जरूरी है। इससे पता चल सकेगा कि खाता भारत से ही खोला जा रहा है। 

📍 बैंक वेरिफिकेशन:

अब बैंक खाता भी वेरिफाई करना अनिवार्य है। इसके लिए “पैनी-ड्रॉप” टेस्ट का इस्तेमाल होता है — यानी ₹1 भेजकर यह पुष्टि होती है कि बैंक खाता उसी व्यक्ति के नाम पर है। 

📍 ओटीपी और डबल आईडी जरूरत:

यूज़र को मोबाइल/ई-मेल OTP सत्यापन के साथ PAN और दूसरा सरकारी ID (जैसे Aadhaar, Passport या Voter ID) भी देना अनिवार्य है। 

📍 उन्नत KYC अपडेट:

जो उपयोगकर्ता हाई-रिस्क कैटेगरी में आते हैं (जैसे टैक्स हेवन देशों से जुड़े लोग या राजनीतिक रूप से प्रभावशाली व्यक्ति), उनके लिए KYC हर 6 महीने में और बाकी लोगों के लिए सालाना दोबारा अपडेट करना जरूरी है। 

📊 उद्देश्य — सुरक्षा और पारदर्शिता बढ़ाना

इन नियमों का मुख्य मकसद डिजिटल संपत्ति बाजार को अवैध गतिविधियों से बचाना और पारदर्शिता बढ़ाना है। सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि क्रिप्टो ट्रेडिंग बैंकिंग और प्रमुख वित्तीय संस्थानों जैसी ही कठोर पहचान जांच से गुजरें। 

विशेषज्ञों का मानना है कि इससे निवेशकों की सुरक्षा बढ़ेगी और फर्जी खाते/धोखाधड़ी की संभावना कम होगी, लेकिन इससे खाता खोलने की प्रक्रिया थोड़ी लंबी और जटिल भी हो सकती है। 

📌 क्या इसका असर होगा?

✔️ धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग को रोकने में मदद

✔️ विश्वसनीयता बढ़ेगी

✔️ बेहतर पहचान प्रमाणीकरण प्रक्रिया

❗ वहीं कुछ निवेशक मानते हैं कि इससे शुरुआती उपयोगकर्ताओं के लिए ऑनबोर्डिंग कठिन हो सकता है और गोपनीयता (privacy) को लेकर चिंताएं भी बढ़ सकती हैं। 

🧠 निष्कर्ष

भारत में क्रिप्टो की दुनिया अब और ज़्यादा सुरक्षित और नियंत्रित होने जा रही है। लाइव सेल्फी, जियो-टैगिंग, बैंक वेरिफिकेशन, और ओटीपी की पुष्टि जैसे नियम गंभीर निवेशकों को बेहतर सुरक्षा प्रदान करेंगे, जबकि अनजान और फर्जी उपयोगकर्ताओं पर रोक भी लगेगी।

अगर आप क्रिप्टो में निवेश या ट्रेडिंग करना चाहते हैं, तो इन नए नियमों के बारे में अपडेट रहना बेहद ज़रूरी है। 

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